June 5, 2026 5:37 AM

दक्षिण की ओर चला धर्म रथ, केंद्र ने नए साल में 4000 मंदिरों के जीर्णोद्धार की योजना बनाई

महाकुंभ और श्री राम मंदिर जैसे आयोजनों ने सनातन धर्म को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है। इन आयोजनों से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी भारी संबल मिला। अब दक्षिण भारत में मंदिरों के जीर्णोद्धार और आगामी सूर्य ग्रहण जैसे अवसर सनातन धर्म के उत्थान को और गति देंगे।

प्रत्यक्षं किम् प्रमाणं – जो सामने है, उसके लिए प्रमाण जरूरी नहीं होता। मेरे खयाल से सनातन धर्म के लिए यह बात एकदम सही है। किसी को शक नहीं है कि सनातन धर्म का ध्वज आज भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में शीर्ष पर लहरा रहा है। भले ही आप इसे राजनीतिक चश्मे से देखें, लेकिन मानेंगे कि भारत में करीब एक दशक पहले बदले राजनीतिक परिदृश्य के बावजूद सब इतना आसान नहीं था।

दुर्लभ संयोग। एक साल पहले महाकुंभ की गूंज अचानक से तेज हुई। 144 साल के दुर्लभ संयोग की चर्चा हर जगह होने लगी। लोगों को लगा कि अब नहीं गए, तो कभी नहीं जा पाएंगे। बड़ी संख्या में लोग तमाम मुश्किलें उठाकर और जमा-पूंजी लगाकर इस ऐतिहासिक मौके को अपने नाम करने पहुंचे।

आज भी सिहरन। महाकुंभ की यादों से लोग आज भी रोमांचित हो उठते हैं। वे याद करते हैं कि प्लेन टिकट महंगा था, ट्रेनों में जगह नहीं थी और रास्ते जाम थे, फिर भी लोग पहुंचे। जो होटल का खर्च नहीं उठा सकते थे, उन्होंने सड़क किनारे ही डेरा डाल दिया।

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