June 5, 2026 5:36 AM

जानें मकर संक्रांति पर क्यों खाते हैं दही-चूड़ा और कैसे बढ़ाएं इसका स्वाद दोगुना?

मकर संक्रांति के दिन दही चूड़ा खाने के पीछे क्या है मान्यता?

उत्तर प्रदेश और बिहार में मकर संक्रांति के दिन सुबह दही-चूड़ा को एक साथ मिलाकर खाया जाता है। इस दिन दही चूड़ा खाने के पीछे कई वजहें हैं जिसमें धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों कारण शामिल हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, दही-चूड़ा के सफेद रंग को शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। यह नए साल की शुरुआत का शुभ संकेत है और आने वाले समय में शुभता, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद माना जाता है

सेहत के लिए भी फायदेमंद है यह मिश्रण

वहीं, सेहत के लिहाज से भी यह कॉम्बिनेशन बेहद लाभकारी माना जाता है।दही में प्रोटीन, कैल्शियम और अच्छे बैक्टीरिया होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। वहीं, चूड़ा में कार्बोहाइड्रेट और फाइबर काफी मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को तुरंत एनर्जी प्रदान करता है।   जब आप सुबह के समय दही चूड़ा खाते हैं तो आपको दिन भर काम करने की एनर्जी मिलती है। इससे आपको जल्दी थकावट महसूस नहीं होगी। जो लोग वेट लॉस करना चाहते हैं उनके लिए दही चूड़ा एक परफेक्ट भोजन है, क्योंकि यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है।

कैसे बढ़ाएं दही का स्वाद?

दही का मीठा स्वाद बढ़ाने के लिए आप उसमें चीनी और मिश्री के साथ इलायची और ड्राईफ्रूट ही मिला सकते हैं।दही चूड़ा खाने से पहले दही को अच्छी तरह से फ़ेंट लें।फेंटने से दही में कोई गांठ नहीं दिखती है और उसका टेक्स्चर गाढ़ा और स्मूथ हो जाता है।दही को फेंटते समय ही उसमें चीनी डाल दें।इसी चीनी आसानी से पिघल जाएगी। अच्छी तरह से फेंटने के बाद जब आप इसे चूड़ा के साथ खाएंगे तो इसका स्वाद और भी बेहतरीन लगेगा

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